एक था भगवान, एक था शैतान
दोनों में जब झगड़ा हुआ तो बहोत हुआ नुकसान. .
दोनों ने मिलकर समस्या का निकल एक समाधान
एक खिलोना बनाया और नाम रखा इंसान.
शैतान ने अपनी ताकदे दी - क्रोध, घमंड और जलन
भगवान ने अपने अंश दिए - प्यार, दया और सम्मान, .
भगवानसे मुस्कुराकर बोल फिर शैतान
न तेरा नुकसान, न मेरा नुकसान, तू जीते या मैं हारेगा इंसान.
और इसीलिए कहते है - कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो
कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो
रिश्ते तो मिलते है मुक्कदरसे
बस उन्हें खुबसुरतीसे निभाना सीखो!
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