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Monday, 11 May 2020

हिंदी सुविचार


दिल से ज्यादा उपजाऊ जगह और कोई नहीं हो सकती,
आप पर निर्भर करता है आप प्यार बोते हैं या नफरत।
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हर एक व्यक्ति को परमात्मा सुबह दो रास्ते देते हैं ---
उठिए और अपने मनचाहे सपने पूरे कीजिये ।
सोते रहिये और मनचाहे सपने देखते रहिये ।
जिंदगी आपकी फैसला आपका
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Image Credit: www.patrika.com
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प्रसन्न रहना बहुत सरल है , लेकिन सरल होना बहुत कठिन है .!
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एक मिनट में जिंदगी नहीं बदलती पर एक मिनट 'सोच' कर किया हुआ फैसला  पूरी जिंदगी बदल देता है.!
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इन्सान का कद और पद ; बेशक बड़ा हो या ना हो।। लेकिन भावना - दृष्टि और विचार ; हमेशा बड़े होने चाहिये।।
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आलपिन सभी कागजों को जोड़कर रखना चाहती है। लेकिन वह हर कागज़ को चुभती है।।
इसी प्रकार जो व्यक्ति सभी को जोड़कर रखना चाहता है वह भी सभी की आँखों में चुभता है।।
कोई अगर आपके अच्छे कार्य पर सन्देह करता है तो ? उसे करने देना क्योकि ?
शक़ सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है ; कोयले की कालिख पर नही।।
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इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नहीं बदलती जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरें बदल जाती है.!.
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डाली से टूटा फूल फिर से लग नहीं सकता है मगर डाली मजबूत हो तो उस पर नया फूल खिल सकता है उसी तरह ज़िन्दगी में खोये पल को ला नहीं सकते मगर हौसलें व विश्वास से आने वाले हर पल को खुबसूरत बना सकते हैं।
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Thursday, 7 May 2020

आंख बंद करके एक बार विचार जरूर करें


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Image Credit: www.danpontefract.com

एक सहेली ने दूसरी सहेली से पूछा:- बच्चा पैदा होने की खुशी में तुम्हारे पति ने तुम्हें क्या तोहफा दिया ?
सहेली ने कहा - कुछ भी नहीं!
उसने सवाल करते हुए पूछा कि क्या ये अच्छी बात है ? क्या उस की नज़र में तुम्हारी कोई कीमत नहीं ?
लफ्ज़ों का ये ज़हरीला बम गिरा कर वह सहेली दूसरी सहेली को अपनी फिक्र में  छोड़कर चलती बनी।।
थोड़ी देर बाद शाम के वक्त उसका पति घर आया और पत्नी का मुंह लटका हुआ पाया।। फिर दोनों में झगड़ा हुआ।।
एक दूसरे को लानतें भेजी।। मारपीट हुई, और आखिर पति पत्नी में तलाक हो गया।।

जानते हैं प्रॉब्लम की शुरुआत कहां से हुई ? उस फिजूल जुमले से जो उसका हालचाल जानने आई सहेली ने कहा था।।

रवि ने अपने जिगरी दोस्त पवन से पूछा:- तुम कहां काम करते हो?
पवन- फला दुकान में।। रवि- कितनी तनख्वाह देता है मालिक?
पवन-18 हजार।।
 रवि-18000 रुपये बस, तुम्हारी जिंदगी कैसे कटती है इतने पैसों में ?
पवन- (गहरी सांस खींचते हुए)- बस यार क्या बताऊं।।
मीटिंग खत्म हुई, कुछ दिनों के बाद पवन अब अपने काम से बेरूखा हो गया।। और तनख्वाह बढ़ाने की डिमांड कर दी।। जिसे मालिक ने रद्द कर दिया।। पवन ने जॉब छोड़ दी और बेरोजगार हो गया।। पहले उसके पास काम था अब काम नहीं रहा।।

एक साहब ने एक शख्स से कहा जो अपने बेटे से अलग रहता था।। तुम्हारा बेटा तुमसे बहुत कम मिलने आता है।। क्या उसे तुमसे मोहब्बत नहीं रही? बाप ने कहा बेटा ज्यादा व्यस्त रहता है, उसका काम का शेड्यूल बहुत सख्त है।। उसके बीवी बच्चे हैं, उसे बहुत कम वक्त मिलता है।।
पहला आदमी बोला- वाह यह क्या बात हुई, तुमने उसे पाला-पोसा उसकी हर ख्वाहिश पूरी की, अब उसको बुढ़ापे में व्यस्तता की वजह से मिलने का वक्त नहीं मिलता है।। तो यह ना मिलने का बहाना है।।
 इस बातचीत के बाद बाप के दिल में बेटे के प्रति  शंका पैदा हो गई।। बेटा जब भी मिलने आता वो ये ही सोचता रहता कि उसके पास सबके लिए वक्त है सिवाय मेरे।।

याद रखिए जुबान से निकले शब्द दूसरे पर बड़ा गहरा असर डाल देते हैं।। बेशक कुछ लोगों की जुबानों से शैतानी बोल निकलते हैं।।  हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुत से सवाल हमें बहुत मासूम लगते हैं।। जैसे-
तुमने यह क्यों नहीं खरीदा।।
तुम्हारे पास यह क्यों नहीं है।।
तुम इस शख्स के साथ पूरी जिंदगी कैसे चल सकती हो।।
तुम उसे कैसे मान सकते हो।। वगैरा वगैरा।।

इस तरह के बेमतलबी फिजूल के सवाल नादानी में या बिना मकसद के हम पूछ बैठते हैं।।
जबकि हम यह भूल जाते हैं कि हमारे ये सवाल सुनने वाले के दिल में नफरत या मोहब्बत का कौन सा बीज बो रहे हैं।।

आज के दौर में हमारे इर्द-गिर्द, समाज या घरों में जो टेंशन टाइट होती जा रही है, उनकी जड़ तक जाया जाए तो अक्सर उसके पीछे किसी और का हाथ होता है।। वो ये नहीं जानते कि नादानी में या जानबूझकर बोले जाने वाले जुमले किसी की ज़िंदगी को तबाह कर सकते हैं।।
ऐसी हवा फैलाने वाले हम ना बनें।।
लोगों के घरों में अंधे बनकर जाओ और वहां से गूंगे बनकर निकलो।।

आंख बंद करके एक बार विचार जरूर करें

Wednesday, 25 January 2017

तळतळाट

खरंच! हा दुष्काळ आहे, की....

की हे तळतळाट आहेत...

लग्नात कूंकू माखून उधळल्या शितांचे...!



गुलाबजामुनच्या  पाकातून गटारात फेकलेल्या साखरेचे...

तिला बनवणार्‍या उसाचे...

उसासाठी राबलेल्या शेतकर्‍याचे...!



इडली खाऊन उरलेल्या सांबाराचे...

त्यात शिजलेल्या डाळीचे...

तिच्याबरोबर फेकल्या गेलेल्या शेवग्याचे...!



यांच्या खताचा मारा झेलून नापीक झालेल्‍या मातीचे,

तिच्यात उसवलेल्या अन्नसाखळीतील अळीपासून घारीचे...!



तहान भागताच फेकलेल्या अर्ध्या ग्लास पाण्याचे...

वॉटर किंगडममधून समुद्रात गेलेल्या गोड्या सांडपाण्याचे,



मोर्चात रस्त्यावर, श्रावणात पिंडीवर  ओतलेल्या दुधाचे,

ते न मिळालेल्या वासराचे...!



वाढदिवशी न कापता तोंडाला फासलेल्या केकचे...

एनए शिक्का मारून घराखाली गेलेल्या शेतांचे,



बीअर आणि शीतपेयात नासलेल्या पाण्याचे...

शँपेनच्या कारंजातून जमिनीवर सांडलेल्या द्राक्षांचे...!

मातीमोल.. मातीमोल ठरलेल्या मातीचे...!!


Tuesday, 5 May 2015

WHEN YOU THOUGHT I WASN'T LOOKING



A message every adult should read because children are watching you and doing as you do, not as you say.
 
When you thought I wasn't looking I saw you hang my first painting on the refrigerator, and I immediately wanted to paint another one.

When you thought I wasn't looking I saw you feed the birds everyday, and I learned that it was good to be kind to animals.

















When you thought I wasn't looking I saw you make my favorite cake for me, and I learned that the little things can be the special things in life.

 
When you thought I wasn't looking I saw you make a meal and take it to a friend who was sick, and I learned that we all have to help take care of each other.


When you thought I wasn't looking I saw you take care of our house and everyone in it, and I learned we have to take care of what we are given.










When you thought I wasn't looking I saw how you handled your responsibilities, even when you didn't feel good, and I learned that I would have to be responsible when I grow up.

When you thought I wasn't looking I saw you hold the door open for others and heard 'thank you' and 'you're welcome', and I learned respect for others.

When you thought I wasn't looking I saw tears come from your eyes, and I learned that sometimes things hurt, but it's all right to cry.

When you thought I wasn't looking I saw that you cared, and I wanted to be everything that I could be.










When you thought I wasn't looking I learned most of life's lessons that I need to know to be a good and productive person when I grow up.

When you thought I wasn't looking I looked at you and wanted to say, Thanks for all the things I saw when you thought I wasn't looking.'

Each of us (parent, grandparent, aunt, uncle, teacher, friend) influences the life of a child.

How will you touch the life of someone today? Just by sending this to someone else, you will probably make them at least think about their influence on others.
 
 Live simply. Love generously. Care deeply. Speak kindly.











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