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Saturday, 20 March 2021

Wrinkles

 1. As we get older our skin loses elasticity and produces less collagen.

2. Collagen is a fiber that gives skin more strength.

3. Less production of collagen leads to fine lines and wrinkle around eyes, mouth, forehead and neck.

4. Genes also play an important role in aging.

5. No smoking of tobacco also prevents formation of wrinkles.

6. Nicotine in tobacco products narrows the blood vessels in the top layer of the blood vessels om top layer of the human skin, which halts the blood flow. 

7. Due to narrow blood vessels blood flow rate falls resulting to many problems, which also includes formation of wrinkles.


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Saturday, 30 January 2021

एसिडिटी

 

चुटकियों मे एसिडिटी को दूर करेंगे यह आसान घरेलू नुस्खे

किन कारणों से होती है एसिडिटी की समस्या ?

खान पान पर ध्यान न देने से

बाजारी, तीखे व चटपटे खाने के कारण

नशे व धूम्रपान के कारण

वक़्त पर खाना न खाने से

खाली पेट चाय पिने से

चाय कॉफ़ी का अधिक सेवन करने से

शरीर में गर्मी का अधिक होना भी एसिडिटी का कारण बन सकता है।

आयुर्वेदिक नुस्खे :

पहला प्रयोगः एक लीटर कुनकुने पानी में 8-10 ग्राम सेंधा नमक डालकर पंजे के बल बैठकर पी जायें। फिर मुँह में उँगली डालकर वमन कर दें। इस क्रिया को गजकरणी कहते हैं। सप्ताह में एक बार करने से अम्लपित्त सदा के मिट जाता है

दूसरा प्रयोगः आँवले का मुरब्बा खाने अथवा आँवले का शर्बत पीने से अथवा द्राक्ष (किसमिस), हरड़े और मिश्री के सेवन से अम्लपित्त में लाभ होता है।

तीसरा प्रयोगः 1-1 ग्राम नींबू के फूल एवं काला नमक को 10 ग्राम अदरक के रस में पीने से अथवा पानी  नींबू के शर्बत में लेने से लाभ होता है।

चौथा प्रयोगः सुबह 5 से 10 तुलसी के पत्ते एवं दोपहर को ककड़ी खाना तथा रात्रि में 2 से 5 ग्राम त्रिफला का सेवन करना एसिडिटी के मरीजों के लिए वरदान है।

पाँचवाँ प्रयोगः अम्लपित्त के प्रकोप से ज्वर होता है। इसमें एकाध उपवास रखकर पित्तपापड़ा, नागरमोथ, चंदन, खस, सोंठ डालकर उबालकर ठंडा किया गया पानी पीने से एवं पैरों के तलुओं में घी घिसने से लाभ होता है। ज्वर उतर जाने पर ऊपर की औषधियों में गुडुच, काली द्राक्ष एवं त्रिफला मिलाकर उसका काढ़ा बनाकर पीना चाहिए।

छठा प्रयोगः करेले के पत्तों के रस का सेवन करने से पित्तनाश होता है। वमन, विरेचन व पित्त के प्रकोप में इसके पत्तों के रस में सेंधा नमक मिलाकर देने से फायदा होता है।

सातवाँ प्रयोगः जिनको पित्त-विकार हो उन्हें महासुदर्शन चूर्ण, नीम पर चढी हुई गुडुच, नीम की अंतरछाल जैसी कड़वी एवं कसैली चीजों का सेवन करने से लाभ होता है। गुडुच का मिश्री के साथ सेवन करने से भी लाभ होता है।

आठवाँ प्रयोगः पित्त की उल्टी होने पर एक गिलास गन्ने के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। अजीर्ण में यह प्रयोग न करें।

नौवाँ प्रयोगः ताजे अनार के दानों का रस निकालकर उसमें मिश्री डालकर पीने से हर प्रकार का पित्तप्रकोप शांत होता है।

दसवाँ प्रयोगः खाली पेट ठण्डा दूध या अरण्डी का 2 से 10 मिली तेल 100 से 200 मिली गाय के दूध में मिलाकर या मीठी छाछ में मिश्री डालकर पीने से पित्तप्रकोप शांत होता है।

ग्यारहवाँ प्रयोगः नीम के पत्तों का 20 से 50 मिली रस 5 से 20 ग्राम मिश्री मिलाकर सात दिन पीने से गर्मी मिटती है

अन्य घरेलु उपचार :

1 मुलठी के चूर्ण का सेवन करने से गले में जलन और एसिडिटी की परेशानी से राहत मिलती है। मुलठी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से यह और भी असरदार साबित होता है।

2 अशवगंधा का इस्तेमाल एसिडिटी में रामबाण आयुर्वेदिक नुस्खा है। एक गिलास दूध में अशवगंधा मिला कर लेने से एसिडिटी में आराम मिलता है।

3 रात को एक गिलास पानी में नीम की छाल को भिगोकर रख दे और सुबह इस पानी को छानकर इसका सेवन करे या नीम की छाल का चूर्ण बनाकर प्रयोग करे।

4 मुन्नका भी एसिडिटी का उपचार में कामयाब तरीका है। इसे एक गिलास दूध में उबाल ले और दूध पिए या फिर दूध के साथ सेवन करे।

5 पांच से सात गिलोय की जड़ के टुकड़े ले और इन्हें पानी में उबाल ले, फिर गुनगुना होने पर आराम से घूट-घूट कर पिए।

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एसिडिटी से हैं परेशान? तो घर में मौजूद इन 5 चीज़ों से पाएं आराम

1अदरक:- जब भी आपको एसिडिटी महसूस हो मुंह में थोड़ा अदरक चबाएं या फिर अदरक वाला गर्म पानी लें क्योंकि इसमें पेट की एसिडिटी में आराम पहुंचाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं

2 ठंडा दूध:- कैल्शियम से भरपूर दूध एसिडिटी के दर्द को शांत कर देता है इसीलिए जब भी आपको पेट में दर्द या जलन महसूस हो तो उसी वक्त एक ग्लास ठंडा दूध पी लें यह उपाय उन लोगों के लिए बहुत कारगर है जिन्हें डेयरी प्रोडक्ट्स पचाने में दिक्कत नहीं होती

3 केला:- यह फल एक नेचुरल एंटासिड है, जिससे पेट में जलन जैसी समस्या में तुरंत राहत मिलती है जिन लोगों को गर्मियों में एसिडिटी की बहुत दिक्कत होती है वो नियमित तौर पर केला खाएं

4 सौंफ:- मुंह को फ्रेश करने के साथ-साथ सौंफ एसिडिटी में भी राहत देती है आप इसे ऐसे ही चबाएं या फिर इसकी चाय बनाकर पिएं, यह दोनों तरीकों से आपको आराम देती है वहीं, सबसे बेहतर तरीका है कि आप खाना खाने बाद हर बार सौंफ खाएं, आपको एसिडिटी नहीं होगी

5 आंवला:- विटामिन-सी से भरपूर आंवला पेट के दर्द, गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी में राहत देता है आप इसके रोजाना सेवन करें पेट में आराम के साथ-साथ इससे खूबसूरत बाल और स्किन में भी फायदा मिलेगा

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