प्यार उसे करो जो तुमसे प्यार करे,
खुद से भी ज्यादा तुम पर ऐतबार करे,
तुम बस एक बार कहो की रुको दो पल,
और वो उन दो पलों के लिए पुरी जिंदगी इंतज़ार करे…
=====खुद से मिलने की भी फुरसत नहीं है अब मुझे
और जमाना औरों से मिलने का इलज़ाम लगा रहा है.…
=====लड़ जाऊंगा मैं दुनिया से लेकिन तू रुसवा होगी
दाग न तुझपे लगने देंगे, खुद से ही बस लड़ना है
=====आहें दिल की आरजू हैं, दर्द ही तमन्ना है
इश्क ही गुनाह मेरा, फिर सजा तो सहना है
मुश्किलों के इस दौर में दूर है मेरी दिलरुबा
ऐसी तन्हाई में मेरे मुश्किलों को बढ़ना है
तेरी आंखों के दरवाजे खुलते हैं बस मेरे लिए
लेकिन तेरे आशियां में गैरों को ही रहना है
लड़ जाऊंगा मैं दुनिया से लेकिन तू रुसवा होगी
दाग न तुझपे लगने देंगे, खुद से ही बस लड़ना है
======कभी पूछना तुम खुद से,
क्या मिला तुम्हें बेवफा बनकर
=====मिलने को तो दुनिया मे कई चेहरे मिले,
पर तुम सी मोहब्बत हम खुद से भी न कर पाये
======क्यों ना खुद से आज एक वादा कर ले
दिल ना दुखे किसी का ये इरादा कर ले
======क्यों ना खुद से आज एक वादा कर ले
दिल ना दुखे किसी का ये इरादा कर ले
======बहस खुद से करो तो सारे सवालों के जबाब मिल जातें हैं
और दूसरों से करो तो कई सवाल खड़े हो जातें है
=====हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मुहब्बत का.
कभी खुद से भी पूंछा है इतनी खूबसूरत क्यों हो
=====बस इतनी पाकीज़ा रहे आईना-ऐ-ज़िन्दगी...!!
जब खुद से मिले नज़र तो शर्मसार ना हो...!!
=====बस इतनी दाद देना….बाद मेरे मेरी उल्फ़त की…!
कि जब मैं याद आऊँ….तो खुद से प्यार कर लेना…
=====आज तोहफा लाने निकला था शहर में तेरे लिए,
कम्बखत खुद से सस्ता कुछ ना मिला..
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