क्यूँ कहते हो की कुछ बेहतर नहीं होता,
सच तो ये है की जैसा चाहो वैसा नहीं होता,
कोई तुम्हारा साथ न दे तो गम न कर,
खुद से बड़ा दुनिया में कोई हमसफ़र नहीं होता
किसी ने सच ही कहा हैं भरोसा ईश्वर पर है,
तो जो लिखा है तकदीर में, वो ही पाओगे !
मगर, भरोसा अगर खुद पर है तो
ईश्वर वही लिखेगा, जो आप चाहोगे !
=====सुनो मैं आजकल गुमशुदा हूँ खुद से
जरा देखो तो कहीं तुम्हारे पास तो नहीं हूं ना मैं
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मोहब्बत तो तुमसे कल भी थी कल भी रहेगी,
नफरतों का सिलसिला अब खुद से हो गया।
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खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे,
और दूसरों से करोगे तो कई सवाल और खड़े हो जायेंगे
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मोहब्बत तो तुमसे कल भी थी कल भी रहेगी,
नफरतों का सिलसिला अब खुद से हो गया।
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मेरे प्यार की वो इन्तेहा पूछते है,
दिल में है कितनी जगह पूछते है,
चाहते है हम उन्हें खुद से ज्यादा,
इस चाहत की भी वो वजह पूछते है…
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तुम्हें इतना क्यों चाहा… इस बारे में सोच कर
कभी -कभी खुद से नफरत हो जाती है
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उसको देकर अपनी ज़िंदगी की डोर
खुशियों को मैंने खुद से दूर कर दिया
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खुद से बहस करोगे तो ?
सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे।।
अगर दुसरो से करोगे तो ?
और नये सवाल खड़े हो जायेंगे।।
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मुझे किसी के बदल जाने का गम नही ,
बस कोई था,
जिस पर खुद से ज्यादा भरोसा था…
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